ट्रंप ने दिये भारत-अमेरिका के बीच बड़े व्यापारिक समझौते का संकेत

वाशिंगटन । भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े व्यापारिक समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति उत्साहित हैं। उनकी इच्छा है कि वह दूसरी पारी खेलने से पहले भारत के साथ सामरिक रिश्तों की मज़बूत डोर पर लगे हाथ एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दें। भारत और अमेरिका के बीच वस्तु और सेवाओँ में क़रीब डेढ़ सौ अरब डालर के कारोबार में मात्र 25 अरब डालर के घाटे से ट्रम्प प्रशासन थोड़ा विचलित है।

इसके बावजूद पिछले वर्ष अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच ‘नाफ़्टा’ संधि हुई है, चीन के साथ व्यापार संधि के पहले चरण में ट्रम्प की ख़ूब सराहना हुई है। चर्चा है, वह तीन नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव से पहले भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं।

ट्रम्प ने दो रोज़ पूर्व मंगलवार को भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की इच्छा जताई थी। इस पर अमेरिका के स्टील और एल्यूमिनियाम व्यापारी ही नहीं, कैलिफ़ोर्निया में बड़े बाग़ान के मालिक सिख व्यापारी अपने बादाम, अखरोट, काजू और सेव के साथ साथ कृषि जन्य उत्पादों तथा फ़ार्मा कंपनियों के सी ई ओ ह्युस्टन में हुए ‘होडी-मोदी’ समारोह के बाद से पूरे घटनाक्रम पर उत्सुकता से निगाहें लगाए हुए हैं।

चीन में ट्रेड जंग में कड़ा रूख अपनाने वाले अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि राबर्ट लिट्गजर भारत के प्रति उदार दिखाई पड़ते हैं। पिछले कुछ दिनों से व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में उनके सहायकों की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं, वे उत्साह वर्धक हैं ।

राबर्ट लिट्गजर अब किसी भी दिन भारत पहुंच सकते हैं और उम्मीद की जा रही है कि उनकी जनहित से जुड़े विवादास्पद मुद्दों पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से बात हो सकती है। संभव है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24, 25 फ़रवरी की भारत यात्रा से पूर्व व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे दें। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डी और दिल्ली में दोनों पक्षों के अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं।

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