विधानसभा में विपक्ष पर बरसी ममता बनर्जी

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विपक्षी माकपा, कांग्रेस और भाजपा को खूब खरी-खोटी सुनाई है. वामपंथियों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के नाम पर वे तोड़फोड़ करते हैं. हर साल दो बार हड़ताल का आह्वान करते हैं. यह सबकुछ हताशा में साजिश के तहत किया जाता है.

कोलकाता विश्वविद्यालय में जेएनयू की छात्र संघ अध्यक्ष आईसी घोष को नहीं घुसने देने को लेकर माकपा विधायक विधानसभा में हंगामा कर रहे थे. इसे लेकर ममता ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय में मुझे कभी घुसने नहीं दिया गया था. आज वामपंथी ये बातें भूल गए हैं. लेकिन हमलोग बिल्कुल नहीं भूलें हैं. बनर्जी ने कहा कि माकपा ने 34 सालों तक राज्य में चारों तरफ अव्यवस्था फैला रखी थी. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि माकपा के दाहिने हाथ की तरह कांग्रेस काम कर रही है. इसीलिए दिल्ली में उन्हें शून्य मिला है.

ममता ने कहा कि सिंगूर में जब आंदोलन हो रहा था तब पार्थ चटर्जी नेता प्रतिपक्ष थे और मैं विपक्ष में बैठी पार्टी की मुखिया थी लेकिन हमें नहीं घुसने दिया गया. कुछ देर पहले ही माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी पर एक दौर में विधानसभा में तोड़फोड़ का आरोप लगाया था. इसे लेकर ममता ने कहा कि विधानसभा में आज तक मैंने किसी भी चीज पर हाथ नहीं डाला है. सुजन चक्रवर्ती अपने आरोपों को साबित करें अथवा अपना बयान वापस लें.

भाजपा पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी जितनी जनसभाएं, पदयात्रा पश्चिम बंगाल में करती है वह कहीं और नहीं करती. जो कहते हैं कि बंगाल में लोकतंत्र है वे अपने राज्य में देखें. चिटफंड कंपनियों के साथ तृणमूल नेताओं की संलिप्तता को लेकर ममता ने कहा कि बंगाल में चिटफंड की शुरुआत किसके शासनकाल में हुई? माकपा के शासनकाल में और आरोप हमारे ऊपर कैसे लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि 34 सालों तक वामपंथियों ने बंगाल में कुछ भी नहीं किया. (एजेंसी हिस.)

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