मंदिर में पशुबलि पर लगी रोक

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने आज त्रिपुरा सरकार की वह याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें सरकार ने राज्य के मंदिरों में हाईकोर्ट द्वारा पशुबलि पर लगाई गई रोक को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन की अगुवाई वाली एक पीठ ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के 27 सितंबर के फैसले के खिलाफ त्रिपुरा सरकार द्वारा दायर एक विशेष अवकाश याचिका पर पशु अधिकार कार्यकर्ता सुभाष भट्टाचार्जी को नोटिस जारी किया।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति अरिंदम लोध की पीठ ने सभी मंदिरों में पशुबलि पर रोक लगा दी थी। पीठ ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जानवरों को भी जीने का मौलिक अधिकार है।हाईकोर्ट ने कहा था कि किसी भी व्यक्ति को त्रिपुरा राज्य के भीतर किसी भी मंदिर में भी पशु/पक्षी की बलि देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।पीठ ने जिला मजिस्ट्रेटों और राज्य पुलिस को आदेश के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया था।

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